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स्वर्ग - नरक August 25, 2006

Posted by rachanabajaj in अश्रेणीबद्ध.
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भारतीय सँस्कृती के अनुसार मृत्यु के बाद हमे अपने कर्मो के हिसाब से स्वर्ग या नरक मे जगह मिलती है.मैने इस समय वँहा के हालात देखने की कोशिश की है..एक मृत देह को लेकर यमदूत उपर पहुँचे हैँ,देखिये वँहा का नजारा—-

जैसे ही यमराज ने नरक का द्वार खटखाया,
नरक का व्यवस्थापक झल्लाया-
क्यूँ रोज मेरी परेशानी बढाते हो ?
हर दिन किसी को लेकर चले आते हो !

दूत बोला-
चलो इस मामले को आज ही निपटाते हैँ,
रोज की मुसीबत का हल निकलवाते हैँ.

दोनो गए यमराज के पास,
बोले - महाराज !
हमारी उलझन को दूर भगाईये,
अब आप ही कोई उपाय बताईये
नरक के कमरे खचाखच भरे हैँ
उधर स्वर्ग के कई सेल खली पडे हैँ
बताईये! इसे कहाँ रखेँ हम ?
दूसरा आयेगा, तब क्या करेँ हम ?
आप नरक की नई इमारत बनवाईये
या फिर लोगोँ का मरना रुकवाईये
—– और—– को अभी वहीँ रहने दो
धरती सहनशील है थोडा और सहने दो!!

यमराज ने कहा-
आज तो एडजस्ट कर लो
इसे अभी के लिये स्वर्ग मे रख लो

दूत बोला-
महाराज हमने इसे ये बात कही थी
लेकिन आदमी की सहमति नही थी
कहता है- स्वर्गॅ मे अकेला पड जायेगा
वो तो नरक मे, अपनो के सँग ही रहेगा

यमराज बोले-
जैसे भी हो ये मामला सुलझाओ
तुम अनुभवी हो किसी तरह मनाओ
नही मानता तो धरती के तरीके अपनाओ
कुछ सहूलियतेँ देकर इसे निपटाओ

ये बातेँ सुनकर एक वृद्ध मन्त्री बोला–
क्या इस गुत्थी को मै सुलझाउँ ?
मन मे एक युक्ती है कहो तो बताउँ!
धरती पर कोई नही जो स्वर्ग मे जगह पायेगा
हर आदमी दोषी है नरक मे ही जायेगा!
मेरा कहा मानीये!!
और बाकी बचे स्वर्ग को नरक मे बदल डालीये!!

यमराज को ये सुझाव बहुत पसँद आया,
उन्होने तुरन्त आदेश भिजवाया,
कर्मो के हिसाब का विभाग बन्द करवाया’
कर्मचारियोँ का मामला ‘वी आर एस’ से निपटाया,
यमराज ने इन कामो को देर बिना किया,
और बाकी बचे स्वर्ग को नरक बना दिया!
और बाकी बचे स्वर्ग को नरक बना दिया!!!!

Comments»

1. हिमांशु - August 25, 2006

बढिया!

तभी कहते हैं:

इतनी अच्छी नई बहू घर में जो आ गई,
घर को स्वर्ग, और घरवालों को स्वर्गवासी बना गई ।

2. समीर लाल - August 25, 2006

बहुत बढ़िया, सुंदर लिखा है.

3. मनीष - August 25, 2006

बढ़िया है !

4. Laxmi N. Gupta - August 25, 2006

बहुत बढ़िया लिखा है। मज़ा आगया। यह वी आर एस क्या है?

5. अनूप शुक्ला - August 26, 2006

बढ़िया है।मजेदार! वी आर एस से मतलब शायद वालंटियरी रिटायरमेंट स्कीम से होगा!

6. Shuaib - August 26, 2006

बहुत सुंदर है :)

7. Rachana - August 26, 2006

हिमान्शु भाई, समीर जी, मनीष जी, अनूप जी, गुप्ता जी, और शुएब भाई आप सभी का टीप्पणी के लिए बहुत शुक्रिया..आप सभी को अच्छा लगा, ये जानकर खुशी हुई..
और गुप्ता जी,जैसा की अनूप जी ने बताया वी आर एस(वालँटरी रिटायरमेन्ट स्कीम )होता है..

8. जगदीश भाटिया - August 27, 2006

बहुत अच्छी कविता है।

9. pratyaksha26 - August 28, 2006

:-)

10. Rachana - August 28, 2006

जगदीश जी एवँ प्रत्यक्षा जी, आप दोनो का धन्यवाद.

11. Sindhu - August 29, 2006

रचना जी, बहुत सुन्दर!

बहोत अच्छा लगा पढ़कर।

12. Rachana - September 2, 2006

शुक्रिया सिन्धु जी!!