jump to navigation

श्रद्धाँजली…. September 10, 2006

Posted by rachanabajaj in अश्रेणीबद्ध.
trackback

फिर एक धमाका..कई लोगोँ की जानेँ गईँ…कई लोग घायल हुए..मरने वाले लोगोँ मेँ ज्यादातर बच्चे थे…
मस्जिद और कब्रिस्तान के पास,प्रार्थना के समय, निर्दोश बच्चोँ को इस तरह मौत के हवाले कर दिया गया…
भगवान उन नन्ही आत्माओँ को शान्ती दे….

बच्चोँ के लिए कुछ पँक्तियाँ—

‘बालक’

“माँ की खुशियोँ का पल बालक,
उसके सपनो का कल बालक,
माँ के जीवन का बल बालक,
उसकी मुश्किल का हल बालक.”

“ना सुख जाने ना दुख जाने,
झूठ ना जाने, सच्चा है!
गलती करता, शिक्षा पाता,
पका नही अभी कच्चा है!
बेफिक्र है वो, बेखोफ भी है,
ना कपटी है,ना लुच्चा है!
कुछ नटखट है, कुछ भोला भी,
वो बडा नही अभी बच्चा है!!”

Comments»

1. समीर लाल - September 11, 2006

दुर्भाग्यपूर्ण…निन्दनीय….!!

निर्दोश मृत आत्माओं की शान्ति के लिये इश्वर से प्रार्थना करते हैं.