बाधाओं को दूर भगा दो,
नई-नई अब राह बना दो,
कर लो तुम नारि अभिनन्दन!
नही रही मै ऐसी-वैसी,
नही परिक्षा सीता जैसी!
अब ना मुझको कोई बन्धन!
कर लो…
अब तक मै ना कुछ कह पाई,
कुछ कसमें थीं मैने खाई,
खत्म हुई अब सारी उलझन!
कर लो…
तन को मेरे राख किया है,
उम्मीदों को खाक किया है,
अब ना होगा कोई क्रन्दन!
कर लो…
सदियों मे हूं अब मै जीती,
अब मेरी स्वाधीन गति!
अब अपना है मेरा जीवन!
कर लो…
रावण को अब मरना होगा!
दु:शासन को हरना होगा!
ना होगा अब चीर-हरण!
कर लो…
पूजाएं सब कर डाली हैं,
माला सारी जप डाली हैं,
करना है अब नया हवन!
कर लो…
मीरा की भक्ति को जानो!
दूर्गा की शक्ति पहचानो!
मौका है! अब कर लो चिन्तन!
कर लो….
बच्चों को मैने ढाला है,
बडों को भी सम्भाला है,
काम किये हैं मैने पावन!
कर लो..
मां का तुमने मोल न जाना,
पत्नी को अबला ही माना!
अब समझो बेटी का गुन्जन!
कर लो…
राह मे मेरी नही आओगे,
अब मुझको ना भरमाओगे,
क्या तुम इतना कर पाओगे?
करना है अब तुमको मन्थन!
कर लो…
आओ अब प्रायश्तित कर लो!
तुम मेरे अब पीछे चल लो!
निर्मल कर लो अपना तन मन!
कर लो…
अब मुझको आगे बढना है!
बिल्कुल ना अब तो डरना है!
साथ है मेरे जग का हर कण!
कर लो…
हे भगवन! मत धोखा देना!
ए खुदा! सहारा देना!
सारे कर्म हैं तुमको अर्पण!!
कर लो..
………………
अब तक मेरे बगावती तेवरों से पुरुष वर्ग अगर नाराज है तो उनके लिये…..
पिछ्ली बार ऐसा हुआ था इसलिये .:)
बन्द करें अब हम ये झगडे,
ना मै छोटी, तुम न बडे!
चलो करें कुछ नया सॄजन!!
……………..
आज के इस खास मौके पर प्रत्यक्षा जी, मुन्ने की मां, घुघुति बासुति जी, रन्जना जी,ममता जी, लावण्या जी, संगीता जी, मानोशी जी, अर्चना दीदी,बेजी, डॊन, कन्चन, गरिमा, और सभी महिला ब्लॊगर साथियों को शुभकामनाएं…
और नॊन ब्लॊगर कम्म्युनिटी से, ” ग्रेट इन्डियन हाउस वाइव्स// होम मेकर ” कम्म्युनिटी से मां, उर्मिला भाभी, उर्वशी भाभी, प्रीती भाभी, साधना भाभी तथा पुष्पा दीदी, उषा दीदी, निशा दीदी, अल्पना दीदी को भी शुभकामनाएं…
अभिनन्दन है आपका। महिला दिवस मुबारक। शुभकामनायें!
बहुत ही अच्छी रचना लिखी है आपने
मेरी कलम – मेरी अभिव्यक्ति
महिला ब्लोगरो की लिस्ट मे !!!!! महिला दिवस पर मेरा नाम !!!!
तुम्हारा भी अभिनन्दन !!!!
साथ ही दुनिया की तमाम महिलाओं का अभिनन्दन !!!!
जो कही न कही सर्जक का काम कर रही है !!!!
बहुत सुन्दर..
अभिनन्दन!!!
रचना, तुम्हें भी शुभकामनायें – दीदी
पिछली और ये वाली पोस्ट एक साथ पढ़ी। आज की नारी पहले से कुछ सशक्त अवश्य हुई है पर अभी एक लंबा सफ़र तय करना बाकी है।
होली की हार्दिक शुभकामनाएँ !
सुन्दर रचना !!
आपको
एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.
आप सभी की टिप्पणियों के लिये बहुत धन्यवाद..