..करीब ४ साल पहले नासिक आकाशवाणी से प्रसारित “विविधा” मे मेरा एक छॊटा सा कार्यक्रम प्रसारित हुआ था. जिसे मैने अपने रेडिओ सेट से टेप किया था.
कार्यक्रम मे आकाशवाणी की डॊ. अनुरुचा सिंह से बातचीत की साथ ही मैने अपनी कुछ रचनाएं पढी थी….. उसमे से बातचीत के कुछ अंश हटाकर रचनाएं आपके लिये प्रस्तुत हैं . .. समय समय पर आप इन्हे पढ तो चुके हैं अब सुनिये भी!!
भाग १- ( आतंकवादियों के नाम एक संदेश, स्वर्ग – नरक )
** उन दिनो जो मुद्दे गर्म थे, मैने उन्ही पर बात की है.
बहुत अच्छा लगा इस प्रसारण को सुनना. आभार इसे प्रस्तुत करने का.
बहुत अच्छा लिखा है आपने । भावपूर्ण विचारों की कलात्मक अभिव्यक्ति सहज ही प्रभावित करती है । भाषा की सहजता और तथ्यों की प्रबलता से आपका शब्द संसार वैचारिक मंथन केलिए भी प्रेरित करता है।
मैने अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा है-शिवभक्ति और आस्था का प्रवाह है कांवड़ यात्रा-समय हो तो पढ़ें और कमेंट भी दें-
http://www.ashokvichar.blogspot.com
bahut achha laga
बहुत अच्छी कवितायें सुनायी आपने, मज़ा आ गया
सुन्दर। आतंकवादी कोई सुने काश इसे!
बहुत खूब
अन्तिम पंक्तियां तो बहुत ही शानदार रही…
बाकी बचे स्वर्ग को भी नरक में बदलिये।
आतंकवादी से संवाद अत्यन्त ईमानदार और संवेदनापूर्ण है । काश ऐसी दृष्टि का समाज में प्रसार हो पाता !
आप सभी की टिप्पणियों के लिये आभार…
मुझे खुशी हुई ये जान कर की आपको कवितायें पसंद आईं..