मित्रों, आज प्रस्तुत है मेरी दो पुरानी पोस्ट पॊडकास्ट रूप मे. यानि माल वही पुराना बस पैक नया है
*** ये खास कर मेरे पुराने ब्लॊगर मित्रों के लिये है, जो भूल गये हैं कि उन दिनों मैने कुछ अच्छी अच्छी पोस्ट लिखी थी …. वो मजे मजे के दिन थे..
पहला पॊडकास्ट है “एक मुलाकात एक फ़ैसला “
* पढने के लिये यहां देख सकते हैं - राम से मुलाकात , जिसे मैने २८ सित. २००७ को प्रकाशित किया था .
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दूसरा पॊडकास्ट है ” चुनाव “
* पढने के लिये यहां देख सकते हैं – चुनाव जिसे मैने ९ जन. २००७ को प्रकाशित किया था .
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नये पैक में सामान और अच्छा लग रहा है। आशा है मजे-मजे के दिन फ़िर आयेंगे।
भई, हमें तो नया माल चाहिए. चाहे जैसे भी हो
नए पेक मे नया माल होना ही चाहिए……….वैसे old is gold…………………
॒ अनूप जी,
शुक्रिया!
॒ रवि जी,
जी जरूर कोशिश करूंगी .. आपकी बात मान कर आज ही दोस्त और दोस्ती के लिये नई पन्क्तियां लिखी है..
॒ अर्चना दीदी,