……. मोहन ने अपने पडोसी हामिद पर केशरिया रंग डाला और हामिद ने मोहन पर हरा रंग डाला …
ये देखकर मोहन की अम्मा ने कहा – अच्छा है इन्होने एक दूसरे के रंग को स्वीकार कर लिया…….
हामिद की अम्मी बोली – हां! वरना ये दोनो लाल होते और हम काले! …..
रंग…….
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कम शब्दों मे बड़ा संदेश…बधाई.
वाह! बहुत खूब! हामिद की अम्मी बड़ी समझदार हैं।
बहुत ही बढिया और यादगार होली……………….शुभकामनाएं….रंगो के त्यौहार पर…
इस होली की सबसे गहरी पोस्ट
इस होली की सबसे गहरी पोस्ट
न भूतो न भविष्यति
छोटी सी लेकिन प्रेरक और संदेशात्मक पोस्ट, आभार
small story but message is big
Rachana ji….bahut gehari baat keha dee aapne …chand lino mein…waqai…aakhiri line was punch line…dil dhak se reha gaya …aur mann bozhil bhi hua…
dheron daad aur duaon ke saath…aise hee likhte rahein
Cheers
आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया…