कुछ मेरे बारे मे….

नमस्कार!! मै रचना बजाज…मूलत: मध्यप्रदेश की हूँ. अभी नासिक (महा.) मे रहती हूँ.शिक्षा के बारे मे यह कहुँगी..
“निर्बल को अनदेखा कर जो कई कई मन्दिर बनवाए,
मेरी तुमसे ये विनती हे दानी उसको न कहा जाए.”
“अपनी शिक्षा  को बाँटे ना और खुद मे ही जो खो जाए,
मेरी तुमसे ये विनती हे ज्ञानी उसको ना कहा  जाए.”
“जो धनी बनुँ तो दान करु, शिक्षैत हुँ तो बाटुँ शिक्षा
इस जीवन मे पाई है, बस इतनी ही मेने दीक्षा.”

“अपनी भाषा ” का मोह मुझे यहाँ तक ले आया है….जिनके सहयोग ओर प्रोत्साहन से यहाँ तक
आई हूँ, उनके लिये ओर आप सभी के लिये…….

“भले कितनी दोलत हो, कितनी ही शोहरत हो,
सच्च्ा इन्साँ वही जो नेक हो ओर भला हो.
होती हे जयकार उसकी ही जग मे,
जो ओरोँ को भी साथ लेकर चला हो!!!!”

Published in: on अगस्त 16, 2006 at 3:46 अपराह्न  Comments (14)  

The URI to TrackBack this entry is: https://rachanabajaj.wordpress.com/2006/08/16/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87/trackback/

RSS feed for comments on this post.

14 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. wow! great that you have found a new blog.. wordpress makes a great management system… hope you are gonna post here more than before😀

  2. आपका स्‍वागत है

  3. रचना जी, हिन्दी चिट्ठाकारी में आपका हार्दिक स्वागत है।

    कृप्या करके अपने ब्लॉग नारद और चिट्ठा विश्व पर रजिस्टर करवाएं।

  4. विचार तो बहुत अच्छे हैं, बस अपनी पंक्तियों में छिपे वायदे को भूल नहीं जाईयेगा. शिक्षा बाँटने में चिट्ठे का उपयोग नियमित करती रहियेगा.

  5. स्वागत है आपका हिन्दी चिठ्ठा जगत मे.

  6. रचना जी
    स्वागत है, बहुत ही उँचे विचार है आपके!

  7. @ ashish, thank you!!

    @ महाशक्ति और समीर लाल जी, बहुत शुक्रिया..

    @ जीतु जी, धन्यवाद. और रजिस्टर करने के लिये क्या करना होगा ?

    @ सुनील भाई, जितनी भी शिक्षा है उसे बाँटने मे कोताही बिल्कुल नही करेँगे !

    @ नाहर जी बहुत धन्यवाद.

  8. स्वागत है आपका हिन्दी चिठ्ठा जगत मे.

  9. ब्लॉगिंग की शुरूआत पर बधाई। पर संभल कर, यह तेज़ी से फ़ैलने वाला रोग है।😉

  10. सुस्वागतम् रचना जी।
    उम्मीद है कि आपकी बांटी हुई कुछ शिक्षा भिक्षास्वरूप हमें भी प्राप्त होगी।

  11. रचना बस नयी नयी रचना परोसते रहिये, यहाँ खाने वाले बहुत हैं, आपका स्वागत है🙂

  12. @ मनीष जी,, शुक्रिया ! आप ही के ‘चिठ्ठे’ से यहाँ तक आ पाये हैँ.

    @ अमित भाई,, आपकी सहायता के बिना ये असम्भव ही था..धन्यवाद. और हाँ! हम तो पक्के भारतीय हैँ,जब तक सहन हो सकेगा “रोग” सह्ते रहेँगे,,’रोग’ गम्भीर होने पर देखा जयेगा!!

    @ई छाया जी..धन्यवाद…और क्षमा करेँ, हम इतने शिक्षित नही है जो आप जैसे माहिर चिठ्ठाकारोँ
    को शिक्षा दे सकेँ..हमेँ तो यहाँ आप लोगोँ से सीखना होगा..

    @ तरुण जी,धन्यवाद.. कोशिश करेँगे और आशा है आपको यहाँ का “ज़ायका” पसन्द आयेगा…

  13. मेरी तरफ से भी आपका स्वागत तथा निरंतर लेखन के लिये शुभकामनायें।

  14. अनूप जी. बहुत धन्यवाद..


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: