मेरी आवाज सुनो!!

अभी तक “कुछ” कहते-कहते मैंने “बहुत कुछ” कह दिया…अब पॉडकास्ट करना भी सीखा….मास्टर जी के अथक प्रयास के बाद बड़ी मुश्किल से कर पाई हूँ!

पॉडकास्ट रिकॉर्ड करने के लिए पंडित जी ने एक बहुत ही अच्छा और सचित्र टटोरियल लिखा है: पॉडकास्ट कैसे रिकॉर्ड करें

अभी तक आपने मेरी पोस्ट पढ़ी अब सुनिये भी!!

[odeo=http://odeo.com/audio/12699813/view]

** ये कविता मैने नही लिखी है, और इसे किसने लिखा है ये भी मुझे पता नही है…इसे मैने कहीं सुना और मुझे बहुत पसंद आई तो इसे  आपको भी सुना दिया…..कविता है—–

जीवन मे कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो,
आगे-आगे बढना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो!
जीवन मे—

चलने वाला मन्जिल पाता, बैठा पीछे रहता है,
ठहरा पानी सडने लगता, बहता निर्मल होता है,
पांव मिले चलने की खातिर,
पांव पसारे मत बैठो!
जीवन मे—

तेज दौडने वाला खरहा, दो पल चल कर हार गया,
धीरे-धीरे चल कर कछुआ, देखो बाजी मार गया,
चलो कदम से कदम मिला कर,
दूर किनारे मत बैठो!
जीवन मे—

धरती चलती, तारे चलते, चांद रात भर चलता है,
किरणो‍ का उपहार बांटने, सूरज रोज निकलता है,
हवा चले तो खुशबू बिखरे,
तुम भी प्यारे मत बैठो!
जीवन मे—
———————————————

Published in: on मई 28, 2007 at 2:21 पूर्वाह्न  Comments (25)  

The URI to TrackBack this entry is: https://rachanabajaj.wordpress.com/2007/05/28/meree-aawaaj-suno/trackback/

RSS feed for comments on this post.

25 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. Dhanyavaad!

  2. हमें सुनाई नहीं दे रहा!!!

    क्या पता ऑडियो की समस्या है कि कान भी गये.🙂

  3. बढ़िया है।

  4. कैसे सुनें आपकी आवाज? कुछ भी तो नहीं सुन पा रहे हैं.
    पंडितजी से कहते हैं कि वो आवाज सुनने पर भी कोई सचित्र टटोरियल लिखें
    समीर भैय्या, आपके कान और हमारे कान एक जैसे हैं. ये आर.सी. मिश्र और अनुराग मिश्र ही बस क्यों सुन पा रहे हैं? लगता है कि सुनाई पर आरक्षण हो गया है.

  5. हाय पहले तो दो घंटे लगे रचना जी को ये पॉडकास्ट अपलोड करवाने और लगवाने में। फिर कमबख्त चला ही नहीं। खैर अब जाकर सही हुआ।
    लो जी रचना जी Odeo पर ये रहा आपका चैनल: Rachna
    अब आगे से जो पॉडकास्ट अपलोड करें उसे इस चैनल में जोड़ देना।🙂

  6. अरे! हमारे जैसे ऑफलाइन जीवी के लिए ऑडियो डाउनलोड की कड़ी भी दें तो उत्तम रहेगा.

  7. तो इस तरह आप पहली महिला पाडकास्टर ब्लागर हो गयीं। खुशी हालांकि इंटरव्यू लेती रहीं। मुझे सुनाई दे रहा है। कविता और आवाज की तारीफ़ करता हूं। सुझाव है कि इस कविता को टाइप करके भी पोस्ट करें। बधाई शानदार सफलता के लिये। श्रीश को खास तौर से बधाई /धन्यवाद कि उनके सहयोग से यह काम हुआ।

  8. रवि जी के लिये डाउनलोड लिन्क

  9. मै यहाँ सुन नही पा रहा ..😦

    कही और अपलोड करिए ना…. चलिए डाउनलोड करके देखता हुँ….🙂

  10. पहली महिला पॉडकास्टर बनने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें।

    कविता और आपकी आवाज दोनों ही सुन्दर है।

  11. जिन भाईयों को सुनाई नहीं दे रहा वे Play के बटन पर दो बार क्लिक करें। मैं आसानी से सुन पा रहा हूँ।

  12. अब proxy सर्वर के पीछे होने के चलते आवाज तो मैं सुन नही सकता। तो कम से कम कविता पढने का हक तो मिलना ही चाहिऐ। थोडा सा टिपियायिये ना।

  13. वाह-२, क्या बात है। कविता बहुत अच्छी है(पढ़ने से अधिक गान को सुनने में मज़ा आता है)।😉 आपकी आवाज़ भी मधुर है।🙂 अब सुनने का अगला अवसर जल्द ही पुनः प्रदान करें।

  14. मिश्रा जी, अनुराग जी और सागर जी, बहुत धन्यवाद..

    समीर जी, धुर विरोधी जी, पंकज भाई और विकास,
    अभी मै भी ठीक से सीख नही पायी हूं कि समस्या कहां है….फ़िर से कोशिश करूंगी…….श्रीश जी और मिश्रा जी ने जो उपर लिन्क दी है आशा है आप वहां से सुन सकेंगे..

    रवि भाई, आपके लिये लिन्क मिश्रा जी ने दी है…

    अनूप जी और अमित, आपको कविता और आवाज पसंद आई, जानकर खुश हूं!
    कविता मैने नही लिखी है और लेखक कौन है मुझे पता भी नही है…सुनी थी मैने और बहुत अच्छी लगी तो वही सुना दी….

    अनूप जी, कविता टाइप भी कर दूंगी…..और हां खुशी को ’महिला’ मे न गिने!! वो नाराज होगी..:)
    आपने ठीक कहा कि श्रीश बधाई के पात्र है‍…..मेरी ’अव्वल दर्ज” की तकनीकी बातो‍ समझ के बाद भी उन्होने धैर्य नही खोया और पोस्ट करवा कर ही क्लास से छुट्टी दी….

  15. हाँ जी बधाई पहले पॉडकास्ट की। उम्मीद है आगे भी आपकी मधुर आवाज में और भी पॉडकास्ट सुनने को मिलते रहेंगे।

    भाई रात को पॉडकास्ट में सचमुच समस्या थी लेकिन अब कोई समस्या नहीं है। सुबह चार बजे के करीब दूर कर दी थी। अब मस्त चल रहा है, जिनको सुन नहीं रहा है प्ले के बटन पर दो बार क्लिक करें।

  16. मोजिला फायरफोक्स का प्रयोग करने पर सुन सकते है. श्रीशजी ध्यान दें.🙂

    अच्छी, नहीं नहीं क्षमा करें, मधूर आवाज.🙂
    कविता भी प्रेरणास्पद है.

  17. मोजिला फायरफोक्स का प्रयोग करने पर सुन सकते है

    इंटरनेट एक्सप्लोरर में भी सही सुनाई दे रही है संजय भाई।

  18. […] has published her first podcast. Its a poem that she has sung(without background music) and even though it’s in Hindi, I […]

  19. I wonder if it wud be wrong to type something in English here! Its just that I am unable to do the Hindi typing bit.. but just wanted to express my appreciation too…🙂

  20. Aaj hi wapas lauta hoon ghar se. bahut sundar prayaas raha aapka. Apni aawaaz ko hum tak pahuchane ka shukriya.

  21. Very Good!! Keept it up Rachanaji!!!

  22. रचना जी,
    जिसकी भी रही हो कविता पर पारखी का उतना ही सामर्थवान होना आवश्यक होता है जो यह समझ सके की इसकी क्या शिला है…।
    बहुत सुंदर है आपकी यह प्रस्तुति…।

  23. पढ़ने और सुनने में दोनों में यह कविता अच्छी लग रही है ।

  24. आवाज थोड़ी और ऊँची होती तो और भी अच्छी लगती

  25. […] धूप, कभी छांव.. ..वैसे तो आप मेरी आवाज कई दिनों पहले सुन चुके […]


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: