रोटी……

“भाजी पोळी देणार का? “( सब्जी रोटी दोगी क्या?)
कभी कभी सुबह मेरे घर के बाहर से ये आवाज मुझे सुनाई देती है…. छोटे छोटे २/३ गरीब बच्चे खाना माँगते हैं…पहले जब कभी कुछ रखा होता था तो मै उन्हे दे देती थी, लेकिन अब उनके लिये बचा कर रखने लगी हूँ…. कुछ नही होने पर चॉकलेट देती हूँ, जिसे  वे बहुत खुश होते हुए बाँट कर खा लेते हैं….
मुझे अच्छे नही लगते वे सम्भ्रान्त लोग जो गरीब लोगों को बेहूदगी से झिडक देते हैं ( वे कुछ नही देना चाह्ते तो भले ही न दें)…..उन्हे लगता है कि भीख माँगने को  एक पेशा बना लेते हैं लोग..एसा हो सकता है, लेकिन क्या पता कोई गरीब सच मे ही भूखा हो… कभी कभी ऐसे दृश्य देखने को मिल जाते हैं………..

एक घर के सामने सडक बन रही थी,
गरीब मजदूरिन वहाँ काम कर रही थी.

मजदूरिन के घर का सारा बोझ उसी पर पडा था,
उसका नन्हा सा बच्चा साथ ही खडा था.

उसके घर के सारे बर्तन सूखे थे,
दो दिन से उसके  बच्चे भूखे थे.

बच्चे की निगाह सामने के बँगले पर पडी,
देखी, घर की मालकिन, हाथ मे रोटी लिये खडी.

बच्चे ने कातर दृष्टि मालकिन की तरफ डाली,
लेकिन मालकिन ने रोटी, पालतू कुत्ते की तरफ उछाली.
कुत्ते ने सूँघकर रोटी वहीं छोड दी,
और अपनी गर्दन दूसरी तरफ मोड दी!
कुत्ते का ध्यान, नही रोटी की तरफ जरा था,
शायद उसका पेट पूरा भरा था!

ये देख कर बच्चा गया माँ के पास,
भूखे मन मे रोटी की लिये आस.

बोला- माँ! क्या रोटी मै उठा लूँ?
तू जो कहे तो वो मै खा लूँ?

माँ ने पहले तो बच्चे को मना किया,
बाद मे मन मे ये खयाल किया कि-

कुत्ता अगर भौंका तो मालिक उसे दूसरी रोटी दे देगा,
मगर मेरा बच्चा रोया तो उसकी कौन सुनेगा?

माँ के मन मे खूब हुई कशमकश,
लेकिन बच्चे की भूख के आगे वो थी बेबस.

माँ ने जैसे ही हाँ मे सिर हिलाया,
बच्चे ने दरवाजे की जाली मे हाथ घुसाया.

बच्चे ने डर से अपनी आँखों को भींचा,
और धीरे से रोटी को अपनी तरफ खींचा!

कुत्ता ये देखकर बिल्कुल नही चौंका!
चुपचाप देखता रहा! जरा भी नही भौंका!!

कुछ मनुष्यों ने तो बेची सारी अपनी हया है,
लेकिन कुत्ते के मन मे अब भी शेष दया है…….
—————

…….कितनी अजीब बात है कि हम अपने मित्रों और रिश्तेदारों को ( जिनके पेट पूरे भरे होते हैं और जो प्लेट मे रखा नाश्ता जूठा करके छोड देते हैं या चाय मे जरा सी चीनी कम या ज्यादा होने पर मीन मेख निकालते हैं!) बुला बुला कर खिलाते हैं लेकिन किसी गरीब को देते वक्त हमे तुरन्त ये खयाल आता है कि दो दिन मुफ्त मे खा लेगा तो इसे आदत हो जायेगी……..

Published in: on नवम्बर 7, 2007 at 12:29 पूर्वाह्न  Comments (13)  

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13 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. अक्सर देखा है लोगों को गरीबों को दुत्कारते, वो तो सरासर गल्त है. देना या नहीं देना अलग बात है.
    अच्छे विचार दिये हैं. सब गरीबों की दुआऐं मिलेंगी. कविता भी अच्छी बन पड़ी है आपके संवेदनशील हृदय की वाणी.

    कुछ मनुष्यों ने तो बेची सारी अपनी हया है,
    लेकिन कुत्ते के मन मे अब भी शेष दया है…….

    सही है. लिखते रहें.

  2. कुछ मनुष्यों ने तो बेची सारी अपनी हया है,
    लेकिन कुत्ते के मन मे अब भी शेष दया है…….

    बहुत खूब!

  3. ये देख कर बच्चा गया माँ के पास,
    भूखे मन मे रोटी की लिये आस.

    बोला- माँ! क्या रोटी मै उठा लूँ?
    तू जो कहे तो वो मै खा लूँ?

    माँ कितनी बेबस नज़र आ रही है. हम बच्चों को समझाते हैं कि गिरा हुआ खाना नहीं उठाते और यहाँ माँ मजबूर है और कुत्ते के आगे पडी रोटी को भी उठाने के लिये कहती है.

  4. “कुछ मनुष्यों ने तो बेची सारी अपनी हया है,
    लेकिन कुत्ते के मन मे अब भी शेष दया है…….”
    सर सही कहा आपने. मेरी भी यही पीड़ा है.

  5. इस देश में जहाँ अतिथि देवो भव कहा जाता है और बच्चों को बचपना से ही ऎसी कहानियां पढाई जाती हैं वहीं दूसरी तरफ़ “ट्रैफिक सिग्नल” जैसी फिल्में भी बनाती हैं. किसको क्या कहा जाए समझ में नहीं आता.

  6. कुछ मनुष्यों ने तो बेची सारी अपनी हया है,
    लेकिन कुत्ते के मन मे अब भी शेष दया है…….

    bahut hi achcha likha hai aapne… in lines ne to jhinjhod k rakh diya…
    aise hi likhti rahiye….

  7. आप सभी की टिप्पणियों के लिये बहुत धन्यवाद.

  8. it is very very nice.
    dil ko chu gayei.
    keep it continue

  9. har baar, baar bar kyu ye kissa sunate ho,
    jaalim hai duniya kyu ye batate ho,
    hum bhi unhe mein se ek, tum bhi unhe mein,
    isliye to lagta hai ab kutte mein he reh gayi hai daya sesh

  10. […] रोटी -२ इसलिये कि एक बार पहले भी मै रोटी की बात कर चुकी हूं…. आज फ़िर करना पड […]

  11. Bilkul satya likha. Rachanaji……Sambhrat/ Amiri ke nashe mai chur log ye samjhte hai ki Vo Amartav lekar eas dharti par aaye hai…Vo Amar hai….baki marna garibon ko hai….

  12. Thank you all !🙂

  13. अती सुन्दर


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