कोई हर्ज नही……

यूं तो बताने से कोई फ़ायदा नही ,
फ़िर भी बता दूं तो कोई हर्ज नही!

तुम चाहो तो सुन लो, नही तो नही,
हर बात सुनना कोई फ़र्ज नही!

साथ हो मेरे तुम, ये यकीन ही बहुत है,
साथ साबित करो, कोई गर्ज नही!

जिये जिसके संग संग, मरें भी उसी संग,
जमाने की ऐसी कोई तर्ज नही!!

साथ है आज जो, वो कल भी रहेगा,
ऐसा तो नियम कोई दर्ज नही!

ये दर्द मेरा साथ जायेगा मेरे!
किसी दवा से कम हो ये वो मर्ज नही!

—————

Advertisements
Published in: on अगस्त 3, 2009 at 10:53 पूर्वाह्न  Comments (10)